भारतीय महिला क्रिकेट से 23 अक्टूबर 2026 को एक ऐसी खबर आई, जिसने क्रिकेट पसंद करने वाले लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। भारतीय टीम के लिए खेल चुकी बल्लेबाज सब्बिनेनी मेघना ने महज 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। अब आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये Sabbhineni Meghana कौन हैं? इन्होंने टीम इंडिया के लिए कब खेलना शुरू किया था? इनके नाम कितने रन दर्ज हैं और जब क्रिकेट खेलने की उम्र अभी बाकी थी, तब इन्होंने खेल को अलविदा कहने का फैसला क्यों लिया? देखिए भाई, क्रिकेट में हर खिलाड़ी की कहानी अलग होती है। किसी को लंबे समय तक टीम में जगह मिलती है, तो किसी को अच्छे प्रदर्शन के बावजूद बार-बार मौके का इंतजार करना पड़ता है। मेघना की कहानी को भी समझने के लिए सिर्फ उनके संन्यास की खबर देखना काफी नहीं है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर, घरेलू क्रिकेट और महिला प्रीमियर लीग के सफर को भी जानना जरूरी है।
सब्बिनेनी मेघना कौन हैं? 30 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास, जानिए पूरी कहानी

इस Article में हम उनके जीवन और क्रिकेट करियर से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में जानेंगे। साथ ही यह भी समझेंगे कि संन्यास की घोषणा में उन्होंने क्या कहा और आगे क्रिकेट से जुड़े रहने को लेकर उनकी क्या योजना है।
Sabbhineni Meghana Biography:

Source : Cricbuzz, NDTV Sports
1. Sabbhineni Meghana कौन हैं?
सब्बिनेनी मेघना भारत की पूर्व महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं। उनका संबंध आंध्र प्रदेश से है और वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करती हैं। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया और घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ महिला प्रीमियर लीग में भी अपनी जगह बनाई। मेघना का नाम उन खिलाड़ियों में शामिल है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की जर्सी पहनी। किसी भी खिलाड़ी के लिए यह अपने आप में बड़ी बात होती है, क्योंकि देश की टीम तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत, घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन और चयनकर्ताओं का भरोसा हासिल करना पड़ता है।मेघना ने भारत के लिए 3 वनडे इंटरनेशनल और 17 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। उनके नाम वनडे में 114 रन और टी20 इंटरनेशनल में 258 रन दर्ज हैं। दोनों फॉर्मेट में उन्होंने एक-एक अर्धशतक भी लगाया। उनके करियर का एक खास हिस्सा साल 2022 में आया, जब वह राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा थीं। इसके बाद वह महिला प्रीमियर लीग में भी खेलती नजर आईं। अब 23 अक्टूबर 2026 को उनके संन्यास की घोषणा के बाद उनके करियर पर एक नया अध्याय बंद हो गया है। हालांकि, मेघना ने यह साफ किया कि खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर खत्म होने का मतलब यह नहीं कि क्रिकेट से उनका रिश्ता भी खत्म हो गया।
2. शुरुआती जीवन और क्रिकेट की शुरुआत
मेघना का जन्म 7 जून 1996 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ था। बचपन से जुड़ी उनकी निजी जिंदगी, परिवार की आर्थिक स्थिति, शुरुआती पढ़ाई और क्रिकेट सीखने के दिनों के बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी सीमित है। इसलिए उनके बचपन को लेकर ऐसी कहानियां बनाना ठीक नहीं होगा, जिनकी पुष्टि किसी भरोसेमंद स्रोत से न होती हो। लेकिन उनके क्रिकेट करियर से एक बात समझ आती है। भारत में किसी खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना केवल मैदान पर अच्छा खेलने की बात नहीं है। इसके लिए घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदर्शन करना, ट्रेनिंग करना और अलग-अलग स्तरों पर अपनी जगह बनाना पड़ता है। महिला क्रिकेट में भी यही मेहनत काम आती है। खिलाड़ी को अपनी बल्लेबाजी पर काम करना होता है, फिटनेस बनाए रखनी होती है और मैच की परिस्थिति के हिसाब से खेलने की समझ विकसित करनी होती है। मेघना ने घरेलू क्रिकेट में अपनी जगह बनाई और आगे चलकर भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका हासिल किया। उनके करियर में रेलवे की टीम और महिला प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी भी शामिल रहीं।
3. टीम इंडिया तक कैसे पहुंचीं मेघना?
मेघना ने नवंबर 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। उस समय भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाना उनके करियर का बड़ा पड़ाव रहा होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका घरेलू प्रदर्शन के बाद मिलता है। उनका वनडे इंटरनेशनल डेब्यू इसके लगभग छह साल बाद, फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुआ। यानी उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में टी20 और वनडे की शुरुआत अलग-अलग समय पर हुई। वनडे डेब्यू के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ ही उन्होंने अपने प्रदर्शन से ध्यान खींचा। इसी सीरीज के एक मैच में उन्होंने 49 रन बनाए और अगले मैच में 61 रनों की पारी खेली। उनके वनडे करियर का सर्वोच्च स्कोर 61 रन रहा। क्रिकेट में ऐसा होता है कि एक खिलाड़ी को किसी फॉर्मेट में मौका जल्दी मिल जाता है, जबकि दूसरे फॉर्मेट में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। मेघना के करियर में भी टी20 इंटरनेशनल और वनडे की शुरुआत के बीच यही अंतर दिखाई देता है।
4. साल 2022: मेघना के करियर का खास दौर
साल 2022 भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यादगार रहा। बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार महिला टी20 क्रिकेट को शामिल किया गया था। भारतीय महिला टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया और रजत पदक जीता। मेघना उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं। किसी भी खिलाड़ी के लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए बहु-खेल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली टीम का सदस्य बनना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना किया था। मुकाबला काफी रोमांचक रहा, लेकिन भारतीय टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद यह टूर्नामेंट महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण रहा और इसे भारत में महिला क्रिकेट की बढ़ती पहचान से जोड़कर देखा गया। मेघना की उपलब्धियों की बात करते समय इस पदक का जिक्र जरूरी है। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के खास हिस्सों में से एक है।
5. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में Sabbhineni Meghana का प्रदर्शन
अब बात करते हैं उन आंकड़ों की, जिनसे मेघना के अंतरराष्ट्रीय करियर को समझने में मदद मिलती है।
वनडे इंटरनेशनल रिकॉर्ड
मेघना ने भारत के लिए कुल 3 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले और 114 रन बनाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 61 रन रहा। वनडे क्रिकेट में उनका औसत 38.00 और स्ट्राइक रेट 108.57 दर्ज है। फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज उनके वनडे करियर का अहम हिस्सा रही। इसी दौरान उन्होंने 49 और 61 रनों की पारियां खेलीं। वनडे में 3 मैचों का करियर छोटा जरूर है, लेकिन इन आंकड़ों को देखते समय यह याद रखना चाहिए कि कम मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी के पूरे करियर का मूल्यांकन करना आसान नहीं होता।
टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड
टी20 इंटरनेशनल में मेघना ने 17 मैच खेले और 258 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 69 रन रहा। उनके नाम एक अर्धशतक दर्ज है। टी20 क्रिकेट में बल्लेबाज को सीमित गेंदों में रन बनाने होते हैं। यहां रन बनाने की रफ्तार, विकेट बचाने की समझ और मैच की स्थिति के अनुसार खेलने की क्षमता मायने रखती है। मेघना ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में टी20 और वनडे दोनों फॉर्मेट में अर्धशतक लगाए। हालांकि, उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अक्टूबर 2022 में था। इसके बाद वह भारतीय टीम के लिए दोबारा नहीं खेलीं। यह जानकारी उनके संन्यास की खबर को समझने में भी मदद करती है। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर संन्यास की घोषणा से लगभग चार साल पहले ही रुक चुका था।
6. महिला प्रीमियर लीग में भी खेलीं Sabbhineni Meghana
भारतीय महिला क्रिकेट में महिला प्रीमियर लीग यानी WPL ने खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है। इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के साथ विदेशी क्रिकेटर भी खेलती हैं। मेघना WPL के शुरुआती सीजन में गुजरात जायंट्स के लिए खेलीं। इसके बाद वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी RCB की टीम में शामिल हुईं। WPL 2024 में RCB की महिला टीम ने खिताब जीता था। मेघना उस खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं। यह उनके क्रिकेट करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। WPL में उनकी कुल 15 मैचों में भागीदारी दर्ज है। इस दौरान उन्होंने 302 रन बनाए और एक अर्धशतक लगाया। उनका सर्वोच्च स्कोर 53 रन रहा। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में टीम का चयन कई बातों पर निर्भर करता है। खिलाड़ियों का हालिया प्रदर्शन, टीम की जरूरत, उपलब्ध जगह और रणनीति जैसे पहलू इसमें भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसी सीजन में कम मैच मिलना या अगली टीम में जगह न बन पाना अपने आप में खिलाड़ी की पूरी क्षमता का प्रमाण नहीं है। मेघना के मामले में भी WPL का सफर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर से अलग रहा। उन्होंने अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ खेलते हुए इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और RCB की खिताबी टीम का हिस्सा बनीं।
7. 30 साल की उम्र में संन्यास क्यों लिया?
यही वह सवाल है, जिसके कारण मेघना की खबर पर लोगों की नजर गई। 23 अक्टूबर 2026 को मेघना ने सोशल मीडिया पर क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने की घोषणा की। उनकी उम्र उस समय 30 साल थी। यहां एक जरूरी फर्क समझना होगा। संन्यास की घोषणा करना एक तथ्य है, जबकि उसके पीछे की वजह बताना अलग बात है। उनकी सार्वजनिक विदाई पोस्ट में परिवार, कोच, साथियों, सहयोगी स्टाफ, क्रिकेट संस्थाओं और प्रशंसकों के प्रति आभार जताया गया। उन्होंने अपने फैसले के पीछे किसी एक विवाद, चोट, आर्थिक परेशानी या पारिवारिक दबाव को मुख्य कारण बताकर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया। इसलिए यह कहना कि उन्होंने किसी विवाद के कारण क्रिकेट छोड़ा या टीम में मौका न मिलने की वजह से ही संन्यास लिया, उपलब्ध जानकारी से साबित नहीं होता। इतना जरूर है कि उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2022 में था। इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम की तरफ से कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला। यह उनके करियर की समयरेखा का हिस्सा है, लेकिन इससे अपने आप संन्यास का कारण साबित नहीं होता। किसी खिलाड़ी के निजी फैसले के पीछे कई बातें हो सकती हैं। जब तक वह खुद या कोई भरोसेमंद आधिकारिक स्रोत वजह स्पष्ट न करे, तब तक अनुमान लगाने के बजाय उपलब्ध जानकारी तक सीमित रहना बेहतर है। मेघना की खबर में सबसे पक्की बात यही है कि उन्होंने अपने खिलाड़ी जीवन को समाप्त करने का फैसला लिया और क्रिकेट से जुड़ाव बनाए रखने की इच्छा भी जताई।
8. संन्यास की घोषणा में मेघना ने क्या कहा?
मेघना ने अपनी विदाई पोस्ट में क्रिकेट के सफर को याद करते हुए …

परिवार, कोच, साथियों और प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि पहली बार हाथ में बल्ला लेकर मैदान पर उतरने से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की जर्सी पहनने तक का सफर उनके लिए सपने के सच होने जैसा रहा। उन्होंने मैदान को अपना दूसरा घर बताया। उनके संदेश में यह भाव भी था कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और ऐसी यादें तथा रिश्ते दिए, जिन्हें वह जीवनभर अपने साथ रखेंगी। उन्होंने BCCI, आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात जायंट्स और RSPB का भी आभार जताया। यहां RSPB का जिक्र उनके घरेलू क्रिकेट से जुड़े सफर के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। किसी खिलाड़ी का करियर केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों तक सीमित नहीं रहता। घरेलू क्रिकेट और संस्थागत टीमों का भी उसमें योगदान होता है। उनकी पोस्ट का सबसे अहम संदेश यह था कि खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट के साथ उनका रिश्ता नहीं टूटेगा।
Source – https://www.instagram.com/p/De0bwpymrJW/?dlrf=MW92ZXdxMHo3d24ycQ==
Instragram – ( @meghnasabbinenni22 )
9. संन्यास के बाद क्या करेंगी मेघना?
मेघना ने अपनी विदाई पोस्ट में क्रिकेट से जुड़े रहने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि वह अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना चाहती हैं और खेल को कुछ लौटाने के लिए काम करना चाहती हैं। इससे संकेत मिलता है कि वह आगे मेंटरशिप, कोचिंग या क्रिकेट से जुड़ी दूसरी भूमिकाओं में योगदान देने की इच्छुक हैं। हालांकि, किसी खास कोचिंग पद या नई नौकरी की आधिकारिक घोषणा को उनकी इस इच्छा से अलग समझना चाहिए। क्रिकेट में पूर्व खिलाड़ी कई तरह से योगदान दे सकते हैं। कोई कोच बनता है, कोई युवा खिलाड़ियों को मेंटर करता है, तो कोई कमेंट्री, विश्लेषण या प्रशासन से जुड़ता है। पूर्व खिलाड़ियों के पास मैदान पर खेलने का अनुभव होता है। वे युवा क्रिकेटरों को मैच के दबाव, अभ्यास, फिटनेस और खेल की समझ के बारे में मदद दे सकते हैं। मेघना ने भी अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की बात कही है। आगे वह किस भूमिका में काम करेंगी, यह उनके भविष्य के फैसलों और किसी आधिकारिक घोषणा से ही साफ होगा।
10. Sabbhineni Meghana के करियर की प्रमुख उपलब्धियां
मेघना के करियर की कुछ महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं:
– भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।
– 2016 में टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया।
– 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में पदार्पण किया।
– वनडे और टी20 इंटरनेशनल दोनों में अर्धशतक लगाए।
– 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं।
– गुजरात जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए WPL में खेलीं।
– 2024 में WPL खिताब जीतने वाली RCB टीम का हिस्सा बनीं।
– संन्यास के बाद भी युवा क्रिकेटरों का मार्गदर्शन करने की इच्छा जताई।
इन उपलब्धियों को देखते हुए कहा जा सकता है कि उनका करियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के अलग-अलग पड़ावों से गुजरा।
11. Sabbhineni Meghana के क्रिकेट आंकड़े

यह Tablel बताती है कि मेघना का अंतरराष्ट्रीय करियर सीमित मैचों का रहा, लेकिन उन्होंने दोनों प्रमुख सीमित ओवरों के फॉर्मेट में अर्धशतक लगाए। WPL में भी उनके नाम 302 रन दर्ज हैं।
12. उनके करियर के अच्छे और चुनौती वाले पहलू
किसी खिलाड़ी के करियर को समझते समय सिर्फ तारीफ करना या सिर्फ कमियों पर बात करना सही तरीका नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों को सामने रखकर दोनों पहलुओं को समझा जा सकता है।
करियर की अच्छी बातें
1. भारत के लिए खेलने का मौका: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना उनके करियर का बड़ा पड़ाव रहा।
2. दोनों फॉर्मेट में अर्धशतक: उन्होंने वनडे और टी20 इंटरनेशनल दोनों में कम से कम एक अर्धशतक लगाया।
3. राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक: वह 2022 में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं।
4. WPL का अनुभव: गुजरात जायंट्स और RCB के साथ खेलते हुए उन्हें फ्रेंचाइजी क्रिकेट का अनुभव मिला।
5. क्रिकेट से जुड़े रहने की इच्छा: संन्यास के बाद युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की उनकी बात भविष्य में खेल में योगदान देने का एक रास्ता दिखाती है।
करियर की चुनौतियां
1. अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीमित संख्या: उन्होंने भारत के लिए 3 वनडे और 17 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले।
2. लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय वापसी नहीं हुई: उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अक्टूबर 2022 में था।
3. करियर की वजहों पर सीमित जानकारी: सार्वजनिक बयान से संन्यास के पीछे का कोई एक खास कारण स्पष्ट नहीं होता। इसलिए उनके फैसले को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
ये बातें उनके करियर की समयरेखा और उपलब्ध रिकॉर्ड पर आधारित हैं। इन्हें किसी खिलाड़ी की व्यक्तिगत क्षमता या भविष्य की संभावनाओं पर अंतिम फैसला नहीं समझना चाहिए।
13. मेघना की कहानी से क्या सीख मिलती है?
मेघना का सफर हमें कुछ ऐसी बातें समझने का मौका देता है, जिनका संबंध केवल क्रिकेट से नहीं है। पहली बात, किसी बड़े मुकाम तक पहुंचना अपने आप में महत्वपूर्ण होता है। हर खिलाड़ी विश्व कप नहीं जीतता और न ही हर क्रिकेटर का अंतरराष्ट्रीय करियर कई साल चलता है। लेकिन भारत के लिए खेलना और देश का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में करियर का बड़ा पड़ाव है। दूसरी बात, करियर में बदलाव आना सामान्य है। खेल हो या कोई नौकरी, जिंदगी में एक समय ऐसा आ सकता है जब इंसान को अपनी दिशा बदलनी पड़े। मेघना ने खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेकर आगे क्रिकेट से जुड़े रहने की इच्छा जताई है। तीसरी बात, अनुभव का इस्तेमाल दूसरे लोगों को आगे बढ़ाने में किया जा सकता है। अगर मेघना भविष्य में युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देती हैं, तो उनका अनुभव नए खिलाड़ियों के काम आ सकता है। चौथी बात, किसी के फैसले पर बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी खबर को देखकर तुरंत यह तय कर देना कि खिलाड़ी ने ऐसा क्यों किया, सही नहीं है। किसी फैसले की असली वजह जानने के लिए संबंधित व्यक्ति के बयान और भरोसेमंद स्रोतों पर ध्यान देना जरूरी है। मेघना की कहानी को इसी नजरिए से देखना चाहिए। उनके करियर में उपलब्धियां भी हैं, सीमित अंतरराष्ट्रीय अवसरों की वास्तविकता भी है और आगे क्रिकेट से जुड़े रहने की इच्छा भी।
14. निष्कर्ष:
Sabbhineni Meghana की कहानी भारतीय महिला क्रिकेट के एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया, राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनी और महिला प्रीमियर लीग में भी खेली। 23 अक्टूबर 2026 को 30 साल की उम्र में उनके संन्यास की खबर सामने आई। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में 3 वनडे और 17 टी20 इंटरनेशनल मैच शामिल रहे। इसके अलावा वह WPL में गुजरात जायंट्स और RCB के लिए भी खेलीं। उनकी विदाई पोस्ट में सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने खिलाड़ी के रूप में क्रिकेट को अलविदा कहने के साथ-साथ खेल से जुड़े रहने की इच्छा भी जताई। वह युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना चाहती हैं। आगे वह किस भूमिका में क्रिकेट की सेवा करेंगी, यह समय के साथ पता चलेगा। फिलहाल इतना साफ है कि उनके खिलाड़ी जीवन का एक अध्याय समाप्त हुआ है, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुड़ाव बनाए रखने की इच्छा बनी हुई है।
15. Sabbhineni Meghana से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. Sabbhineni Meghana कौन हैं?
Sabbhineni Meghana भारत की पूर्व महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं। वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करती थीं और उन्होंने भारत के लिए वनडे तथा टी20 इंटरनेशनल मैच खेले।
Q2. Sabbhineni Meghana की उम्र कितनी है?
उनका जन्म 7 जून 1996 को हुआ था। अक्टूबर 2026 में उनकी उम्र 30 साल है।
Q3. Sabbhineni Meghana ने संन्यास कब लिया?
उन्होंने 23 अक्टूबर 2026 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने की घोषणा की।
Q4. मेघना ने भारत के लिए कितने अंतरराष्ट्रीय मैच खेले?
उन्होंने भारत के लिए 3 वनडे इंटरनेशनल और 17 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। वनडे में उनके 114 और टी20 इंटरनेशनल में 258 रन हैं।
Q5. मेघना ने क्रिकेट से संन्यास क्यों लिया?
उन्होंने अपनी सार्वजनिक विदाई पोस्ट में संन्यास के पीछे कोई एक खास कारण स्पष्ट नहीं किया। इसलिए किसी विवाद, चोट या दूसरे निजी कारण को उनका निश्चित कारण बताना सही नहीं होगा।
Q6. क्या Sabbhineni Meghana WPL में भी खेली हैं?
हां, वह महिला प्रीमियर लीग में गुजरात जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल चुकी हैं। वह 2024 में खिताब जीतने वाली RCB टीम का हिस्सा थीं।
Q7. क्या संन्यास के बाद मेघना क्रिकेट से जुड़ी रहेंगी?
उन्होंने अपनी विदाई पोस्ट में क्रिकेट से जुड़े रहने और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की इच्छा जताई है। किसी खास नई भूमिका की पुष्टि अलग आधिकारिक घोषणा से ही होगी।
Source –
1. Cricbuzz
2. India Today
3. NDTV Sports
4. The Economic Times