UPI New Charges 15 October 2026: ₹2,000 से ज्यादा Payment पर कितना लगेगा MDR Charge?

Table of Contents
1. UPI के नए Charges 15 अक्टूबर 2026 से क्या बदलेंगे?
2. UPI MDR क्या है?
3. ₹2,000 से ज्यादा Payment पर कितना Charge लगेगा?
4. क्या PhonePe, Google Pay और Paytm Users को फीस देनी होगी?
5. दुकानदारों पर नए MDR Rules का क्या असर पड़ेगा?
6. ₹5,000 और ₹10,000 के Merchant Payment का उदाहरण
7. किन Transactions पर MDR नहीं लगेगा?
8. UPI MDR के फायदे और नुकसान
9. UPI New Charges से जुड़े 5 FAQs
10. निष्कर्ष
11. तथ्य-जांच के आधिकारिक स्रोत
1. UPI के नए Charges 15 अक्टूबर 2026 से क्या बदलेंगे?
क्या 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा UPI Payment करने पर ग्राहक को फीस देनी होगी? PhonePe, Google Pay और Paytm का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों के मन में यही सवाल है। UPI भारत में डिजिटल Payment का एक लोकप्रिय तरीका है। किराने की दुकान से सामान खरीदना हो, Restaurant का बिल चुकाना हो या ऑनलाइन Shopping करनी हो, लोग आसानी से QR Code Scan करके भुगतान कर देते हैं। अब ₹2,000 से ज्यादा के कुछ Merchant Transactions पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू करने के प्रस्ताव ने लोगों का ध्यान खींचा है। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझनी होगी। MDR और ग्राहक से वसूली जाने वाली फीस दो अलग-अलग बातें हैं। सरकार के 15 सितंबर 2026 के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, ग्राहकों पर MDR का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, नए Framework में कुछ निर्धारित Merchant Payments पर शुल्क लागू होगा। वहीं, Person-to-Person Transactions और ₹2,000 तक के Merchant Payments मुफ्त रहेंगे। निर्धारित Zero-MDR व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले छोटे Merchants को भी छूट दी गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, लगभग 96% Merchant Transactions पर इस Framework का असर नहीं पड़ने का अनुमान था।
क्या 15 अक्टूबर से नियम लागू होना तय है?
15 सितंबर 2026 को घोषित Framework में 15 अक्टूबर से लागू होने की तारीख बताई गई थी। हालांकि, अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में Reuters और अन्य समाचार संस्थानों की रिपोर्टों में इस तारीख को जनवरी 2027 तक बढ़ाने की संभावना सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, Merchant Associations और Payment Industry से जुड़े संगठनों ने तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। रिपोर्ट प्रकाशित होने के समय अंतिम निर्णय स्पष्ट नहीं था। इसलिए 15 अक्टूबर 2026 को नियम लागू होने की निश्चित तारीख मानकर लेख प्रकाशित करने के बजाय NPCI और वित्त मंत्रालय की नवीनतम सूचना जांचना जरूरी है।
2. UPI MDR क्या है?
MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है। आसान भाषा में समझें तो यह Merchant के डिजिटल Payment को Process करने से जुड़ा शुल्क है। मान लीजिए, आप किसी Electronics Store से ₹10,000 का Smartphone खरीदते हैं। आप दुकानदार का QR Code Scan करते हैं और UPI App से Payment कर देते हैं। इस प्रक्रिया में Payment को पूरा करने के लिए बैंक, Payment Service Provider और अन्य संबंधित सेवाओं की भूमिका हो सकती है। MDR इसी Merchant Payment Ecosystem से जुड़ा शुल्क है। प्रस्तावित Framework में कुछ पात्र Merchant Transactions पर MDR लागू करने की व्यवस्था की गई है।
MDR और सरकारी Tax में क्या अंतर है?
MDR को नया सरकारी Tax समझना सही नहीं है।
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि MDR न तो अपने आप में Tax है और न ही सरकार या NPCI द्वारा एकत्र किया जाने वाला शुल्क है।
क्या MDR का पैसा ग्राहक देगा?
सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार, MDR का बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि किसी पात्र Merchant Transaction पर 0.4% MDR की गणना ₹40 होती है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि ग्राहक को ₹10,000 की खरीदारी के लिए ₹10,040 देना होगा। ₹40 Merchant MDR की गणना है, ग्राहक की अतिरिक्त फीस नहीं।
क्या MDR पर GST लगेगा?
MDR और GST अलग विषय हैं। केवल UPI Payment ₹2,000 से ज्यादा होने के कारण ग्राहक पर GST लगने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। PIB ने पहले भी ₹2,000 से ज्यादा के UPI Payments पर GST लगाने की खबर को गलत बताया था। इसलिए UPI MDR की खबर को GST या किसी नए ग्राहक Tax के रूप में पेश नहीं करना चाहिए।
3. ₹2,000 से ज्यादा Payment पर कितना Charge लगेगा?
प्रस्तावित सामान्य MDR Framework के अनुसार, निर्धारित ₹2,000 से अधिक के Merchant UPI Transactions पर 0.4% MDR की दर बताई गई है। ₹75,000 या उससे अधिक के सामान्य पात्र Transactions पर अधिकतम MDR ₹300 प्रति Transaction रखने की बात कही गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर ₹2,000 से ज्यादा UPI Payment पर एक जैसी दर लागू होगी। Transaction का प्रकार, Merchant की श्रेणी और संबंधित नियम भी महत्वपूर्ण हैं।
MDR का Calculation कैसे करें?
MDR की सामान्य गणना का Formula है:
MDR = Payment Amount × MDR Rate ÷ 100
उदाहरण के लिए, ₹5,000 का पात्र Merchant Payment होने पर:₹5,000 × 0.4 ÷ 100 = ₹20
इस तरह 0.4% की दर पर Merchant MDR की गणना ₹20 होगी।
ध्यान दें: यह सामान्य 0.4% दर को समझाने वाला उदाहरण है। वास्तविक शुल्क Merchant की पात्रता, Transaction की श्रेणी और प्रभावी नियमों के अनुसार अलग हो सकता है।
क्या सभी Merchant Payments पर 0.4% MDR लगेगा?
नहीं। प्रस्तावित Framework में कुछ विशेष Sectors के लिए अलग दरें बताई गई हैं।

ये दरें घोषित Framework के आधार पर दी गई हैं। किसी वास्तविक Payment पर कौन-सी दर लागू होगी, यह उसकी श्रेणी और अंतिम प्रभावी नियमों पर निर्भर करेगा।
4. क्या PhonePe, Google Pay और Paytm Users को फीस देनी होगी?
PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे Apps का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल है कि क्या अब UPI से भुगतान करना महंगा हो जाएगा। सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक, ग्राहकों से MDR वसूलने की व्यवस्था नहीं है। इसलिए सिर्फ ₹2,000 से ज्यादा का Payment करने के कारण ग्राहक को MDR के नाम पर अतिरिक्त राशि नहीं देनी चाहिए।
PhonePe Users के लिए क्या बदलेगा?
यदि आप PhonePe से किसी दुकान पर Payment करते हैं, तो Transaction का प्रकार महत्वपूर्ण होगा। सामान्य पात्र Merchant Payment पर लागू MDR को ग्राहक की फीस नहीं समझना चाहिए।
Google Pay Users के लिए क्या बदलेगा?
Google Pay से ₹5,000 या ₹10,000 का Payment करने पर सामान्य 0.4% MDR की गणना Merchant Payment के संदर्भ में होती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि ग्राहक के Payment Amount के ऊपर अपने आप MDR जोड़ दिया जाएगा।
Paytm Users के लिए क्या बदलेगा?
Paytm से Merchant को भुगतान करने पर भी वही मूल अंतर समझना जरूरी है। MDR Merchant Payment Ecosystem का शुल्क है, ग्राहक से वसूला जाने वाला सरकारी Tax नहीं।
अगर दुकानदार ग्राहक से अतिरिक्त पैसे मांगे तो क्या करें?
मान लीजिए, आपने दुकान से ₹5,000 का सामान खरीदा और दुकानदार ने कहा कि नए UPI नियमों के कारण ₹20 अतिरिक्त देने होंगे। ₹20, ₹5,000 का 0.4% है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि दुकानदार ग्राहक से यह राशि MDR के नाम पर वसूल सकता है।
ऐसी स्थिति में:
– दुकानदार से अतिरिक्त राशि का कारण पूछें।
– बिल में सामान की कीमत और अतिरिक्त शुल्क का विवरण देखें।
– अपने Payment App या बैंक की आधिकारिक सहायता सेवा से जानकारी लें।
– यदि शुल्क को MDR बताया जा रहा है, तो वित्त मंत्रालय की आधिकारिक सूचना का संदर्भ दें।
5. दुकानदारों पर नए MDR Rules का क्या असर पड़ेगा?
MDR Framework का सीधा संबंध उन Merchants से है, जो UPI के माध्यम से ग्राहकों से Payment स्वीकार करते हैं। डिजिटल Payment की सुविधा से ग्राहकों को आसानी होती है, लेकिन इसके पीछे बैंकिंग और तकनीकी Infrastructure भी काम करता है। MDR का उद्देश्य पात्र Merchant Transactions के लिए Payment Ecosystem की लागत को समर्थन देना है।
छोटे दुकानदारों को क्या राहत मिलेगी?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, निर्धारित Zero-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले छोटे Merchants को छूट मिलेगी। सरकारी जानकारी में पात्र छोटे Merchants के लिए संबंधित मासिक UPI QR प्राप्तियों की सीमा ₹1 लाख बताई गई थी। इस श्रेणी में आने वाले Merchants को निर्धारित शर्तों के अनुसार सभी Transactions पर Zero-MDR का लाभ मिल सकता है। हालांकि, हर छोटी दुकान अपने आप इस श्रेणी में नहीं आती। Merchant की श्रेणी और पात्रता शर्तें जांचना जरूरी है।
बड़े दुकानदारों की लागत बढ़ सकती है मान लीजिए, किसी Electronics Store को हर दिन ₹10,000 के कई पात्र UPI Payments मिलते हैं। यदि सामान्य 0.4% MDR लागू होता है, तो प्रत्येक ₹10,000 के Transaction पर MDR की गणना ₹40 होगी। ऐसे 100 Transactions की कुल राशि ₹10,00,000 होगी और 0.4% की दर से कुल MDR की गणना ₹4,000 होगी। यह उदाहरण केवल गणना समझाने के लिए है। वास्तविक लागत पात्र Transactions और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
क्या दुकानदार सामान की कीमत बढ़ा सकते हैं?
MDR लागू होने पर कुछ Merchants अपनी Payment Processing लागत का दोबारा हिसाब लगा सकते हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर दुकानदार को सामान की कीमत बढ़ानी ही पड़ेगी। कीमत तय करने में सामान की लागत, दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी, बाजार में प्रतिस्पर्धा और अन्य खर्च भी शामिल होते हैं। MDR एक संभावित व्यावसायिक लागत है, ग्राहक से अतिरिक्त फीस लेने का अपने आप मिलने वाला अधिकार नहीं।
क्या दुकानदारों को UPI QR Code बंद करना पड़ेगा?
केवल MDR की खबर आने से दुकानदार को QR Code बंद करने की जरूरत नहीं है। दुकानदार को अपने बैंक या Payment Provider से यह जानकारी लेनी चाहिए:
– उसका Merchant Account किस श्रेणी में आता है?
– क्या वह Zero-MDR व्यवस्था के लिए पात्र है?
– कौन-से Transactions पर MDR लागू होगा?
– उसके Merchant Account पर कौन-सी दर लागू होगी?
– शुल्क का विवरण Statement में कैसे दिखाई देगा?
6. ₹5,000 और ₹10,000 के Merchant Payment का उदाहरण
आइए, तीन आसान उदाहरणों से MDR को समझते हैं।
उदाहरण 1: ₹5,000 का UPI Payment
राहुल एक दुकान से ₹5,000 का सामान खरीदता है। वह दुकानदार का QR Code Scan करके PhonePe से Payment करता है। यदि इस Transaction पर सामान्य 0.4% MDR लागू होता है, तो:
₹5,000 × 0.4 ÷ 100 = ₹20
इस उदाहरण में Merchant MDR की गणना ₹20 है। लेकिन ग्राहक को ₹5,000 की खरीदारी के लिए केवल MDR के नाम पर ₹20 अतिरिक्त नहीं देने चाहिए।
उदाहरण 2: ₹10,000 का Smartphone खरीदना
नेहा ₹10,000 का Smartphone खरीदती है और Google Pay से भुगतान करती है।

यहां ₹40 Merchant MDR की गणना है। वास्तविक शुल्क Merchant की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
उदाहरण 3: दोस्त को ₹10,000 भेजना
अब मान लीजिए कि नेहा अपनी दोस्त को ₹10,000 भेजती है। वह किसी दुकान पर खरीदारी नहीं कर रही है। यह Person-to-Person यानी P2P Transaction है। सरकारी घोषणा के अनुसार, ऐसे UPI Transfers राशि की परवाह किए बिना मुफ्त रहेंगे। इसलिए केवल Payment Amount देखकर MDR लागू होने का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
उदाहरण 4: ₹75,000 का Merchant Payment
यदि कोई सामान्य पात्र Merchant Transaction ₹75,000 का है, तो 0.4% की गणना ₹300 होगी। प्रस्तावित Framework में ₹75,000 या उससे अधिक के सामान्य पात्र Transactions पर अधिकतम MDR ₹300 प्रति Transaction बताया गया है। विशेष Sector या अलग Merchant Category के नियम इस उदाहरण से अलग हो सकते हैं।
7. किन Transactions पर MDR नहीं लगेगा?
वित्त मंत्रालय के 15 सितंबर 2026 के स्पष्टीकरण के अनुसार, कई प्रकार के Transactions को MDR से बाहर रखा गया है। Person-to-Person (P2P) Transactions जब आप UPI से किसी दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजते हैं, तो इसे सामान्य रूप से P2P Transaction कहा जाता है।
उदाहरण:
– दोस्त को ₹500 भेजना
– परिवार के सदस्य को ₹5,000 भेजना
– किसी परिचित को ₹20,000 ट्रांसफर करना
सरकारी घोषणा के अनुसार, P2P Transactions राशि की परवाह किए बिना मुफ्त रहेंगे।
₹2,000 तक के Merchant Payments
सरकारी Framework के अनुसार, ₹2,000 तक के Merchant Payments पर MDR नहीं लगेगा।
उदाहरण:
– किराने की दुकान पर ₹200 का Payment
– Restaurant में ₹850 का बिल
– कपड़ों की दुकान पर ₹1,500 की खरीदारी
– किसी Merchant को ₹2,000 का भुगतान
पात्र छोटे Merchants के Transactions
निर्धारित Zero-MDR Framework में शामिल छोटे Merchants को सभी पात्र Transactions पर छूट मिल सकती है, भले ही किसी Payment की राशि ₹2,000 से ज्यादा हो। इसलिए केवल Payment Amount देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि Merchant पर सामान्य MDR लागू होगा।
Zero-MDR Transactions की तुलना

अंतिम लागू नियम और Transaction की सही श्रेणी जांचना जरूरी है।
8. UPI MDR Framework के फायदे और नुकसान
MDR Framework को केवल ग्राहक से पैसे लेने की खबर के रूप में नहीं देखना चाहिए। इसका संबंध Payment Ecosystem की लागत और Merchants की आर्थिक स्थिति से भी है।
फायदे
1. Payment Infrastructure को सहायता- UPI को चलाने के लिए Banks, Payment Providers और तकनीकी Infrastructure की जरूरत होती है। MDR से प्राप्त राशि इस Ecosystem के संचालन और विकास में योगदान दे सकती है।
2. छोटे Merchants की सुरक्षा– Zero-MDR व्यवस्था के तहत पात्र छोटे Merchants को छूट देने का उद्देश्य यह है कि छोटी दुकानों पर डिजिटल Payment स्वीकार करने की अतिरिक्त लागत न पड़े।
3. ग्राहकों के लिए मुफ्त UPI का प्रावधान- सरकारी घोषणा के अनुसार, P2P Transactions मुफ्त रहेंगे और MDR का बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जाना चाहिए।
नुकसान
1. कुछ बड़े Merchants की लागत बढ़ सकती है- जिन Merchants पर सामान्य MDR लागू होगा, उन्हें Payment Processing की अतिरिक्त लागत का हिसाब रखना पड़ेगा।
2. नियमों को समझने में परेशानी- छोटे Merchants, बड़े Merchants और विशेष Sectors की अलग-अलग दरों के कारण कुछ दुकानदारों को अपने ऊपर लागू नियम समझने में समय लग सकता है।
3. ग्राहकों और दुकानदारों के बीच भ्रम- यदि दुकानदार को MDR और ग्राहक की फीस के बीच अंतर नहीं पता है, तो वह गलत तरीके से ग्राहक से अतिरिक्त रकम मांग सकता है।
फायदे| संभावित नुकसान
Payment Ecosystem को आर्थिक सहायता| कुछ Merchants की लागत बढ़ सकती है
पात्र छोटे Merchants को राहत| अलग-अलग नियम समझने में परेशानी
ग्राहकों पर MDR डालने की व्यवस्था नहीं| गलत जानकारी से विवाद की संभावना
9. FAQs
Q1. क्या 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा UPI Payment करने पर ग्राहक को फीस देनी होगी?
सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार, ग्राहकों से MDR नहीं वसूला जाना है। हालांकि, 15 अक्टूबर से लागू होने की तारीख को लेकर स्थगन की रिपोर्टें सामने आई थीं। अंतिम तारीख की पुष्टि नवीनतम आधिकारिक सूचना से करें।
Q2. UPI MDR का पूरा नाम क्या है?
MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है। यह Merchant के डिजिटल Payment से संबंधित शुल्क है, जिसे Payment Ecosystem के संबंधित प्रतिभागियों के बीच बांटा जाता है।
Q3. क्या PhonePe, Google Pay और Paytm पर ₹5,000 का Payment करने से ₹20 अतिरिक्त कटेंगे?
सामान्य 0.4% दर से ₹5,000 का MDR ₹20 होता है, लेकिन यह Merchant MDR की गणना है। ग्राहक से MDR के नाम पर ₹20 अतिरिक्त लेने की व्यवस्था सरकारी स्पष्टीकरण में नहीं है।
Q4. क्या दोस्त को ₹10,000 भेजने पर MDR लगेगा?
नहीं। सरकारी घोषणा के अनुसार, Person-to-Person UPI Transfers राशि की परवाह किए बिना मुफ्त रहेंगे।
Q5. क्या ₹2,000 से ज्यादा UPI Payment पर GST लगेगा?
केवल ₹2,000 से अधिक UPI Payment होने के कारण GST लगने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। MDR और किसी सेवा पर लागू Tax Treatment अलग विषय हैं।
10. निष्कर्ष: UPI Users को क्या करना चाहिए?
UPI New Charges 2026 की खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि Merchant MDR और ग्राहक की फीस अलग-अलग हैं। प्रस्तावित सामान्य Framework के तहत कुछ पात्र Merchant Transactions पर 0.4% MDR की दर बताई गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि PhonePe, Google Pay या Paytm से ₹5,000 का Payment करने पर ग्राहक को अपने आप ₹20 अतिरिक्त देने होंगे। P2P Transfers मुफ्त रहेंगे। ₹2,000 तक के Merchant Payments और निर्धारित पात्र छोटे Merchants को भी Zero-MDR व्यवस्था के तहत राहत दी गई है। 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की तारीख पर स्थगन की खबरें सामने आई थीं। इसलिए नियमों की वास्तविक Implementation Date के लिए NPCI और वित्त मंत्रालय की नवीनतम आधिकारिक सूचना जांचना जरूरी है। यदि आप UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो वायरल मैसेज देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। और यदि आप दुकानदार हैं, तो अपने बैंक या Payment Provider से अपने Merchant Account पर लागू MDR और छूट की जानकारी जरूर लें।
आपकी राय क्या है? क्या डिजिटल Payment पर Merchant MDR लागू होने से दुकानदारों की लागत बढ़ेगी? अपनी राय Comment में बताएं और इस लेख को उन लोगों के साथ Share करें जो UPI के नए नियमों को लेकर भ्रमित हैं।
11. तथ्य-जांच के आधिकारिक स्रोत
1. PIB — वित्त मंत्रालय का आधिकारिक स्पष्टीकरण: https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2310586&lang=2®=3
2. NPCI — UPI Circulars: https://www.npci.org.in/circulars/upi
3. PIB — UPI और GST पर स्पष्टीकरण: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2122747&lang=1®=46
Note: इस Article में MDR की दरों के लिए 15 सितंबर 2026 की सरकारी घोषणा और लागू होने की तारीख पर अक्टूबर 2026 की उपलब्ध समाचार रिपोर्टों को आधार बनाया गया है। तारीख या नियमों में आधिकारिक बदलाव होने पर लेख अपडेट करें।

